श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 1: भगवान के प्रतिष्ठान का प्रारंभ और कृष्ण-संकीर्तन पर निर्देश  »  श्लोक 421
 
 
श्लोक  2.1.421 
সবে মিলি’ ঠাকুরেরে স্থির করাইযাচলিলা
বৈষ্ণব-সব মহানন্দ হৈযা
सबे मिलि’ ठाकुरेरे स्थिर कराइयाचलिला
वैष्णव-सब महानन्द हैया
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् सभी वैष्णवों ने भगवान को शांत किया और बड़े प्रसन्न होकर चले गये।
 
After that all the Vaishnavas pacified the Lord and went away very happy.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)