বাহ্য হৈলে ও বাহ্য-কথা নাহি কয
সর্ব-বৈষ্ণবের গলা ধরিযা কান্দয
बाह्य हैले ओ बाह्य-कथा नाहि कय
सर्व-वैष्णवेर गला धरिया कान्दय
अनुवाद
यद्यपि भगवान को पुनः बाह्य चेतना प्राप्त हो गई, फिर भी उन्होंने बाह्य विषयों की चर्चा नहीं की, अपितु वे समस्त वैष्णवों की गर्दन पकड़कर रो पड़े।
Although the Lord regained external consciousness, he did not discuss external matters, but instead, he started crying, holding the necks of all the Vaishnavas.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥