vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री चैतन्य भागवत
»
खण्ड 2: मध्य-खण्ड
»
अध्याय 1: भगवान के प्रतिष्ठान का प्रारंभ और कृष्ण-संकीर्तन पर निर्देश
»
श्लोक 419
श्लोक
2.1.419
ক্ষণেকে হৈলা বাহ্য বিশ্বম্ভর-রায
সবে প্রভু ’কৃষ্ণ কৃষ্ণ’ বলযে সদায
क्षणेके हैला बाह्य विश्वम्भर-राय
सबे प्रभु ’कृष्ण कृष्ण’ बलये सदाय
अनुवाद
कुछ समय पश्चात् भगवान विश्वम्भर को अपनी बाह्य चेतना पुनः प्राप्त हुई, किन्तु वे निरन्तर कृष्ण नाम का जप करते रहे।
After some time, Lord Visvambhara regained his external consciousness, but he continued chanting the name of Krishna.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×