श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 1: भगवान के प्रतिष्ठान का प्रारंभ और कृष्ण-संकीर्तन पर निर्देश  »  श्लोक 412
 
 
श्लोक  2.1.412 
গণ্ডগোল শুনি’ সর্ব নদীযা-নগর
ধাইযা আইলা সবে ঠাকুরের ঘর
गण्डगोल शुनि’ सर्व नदीया-नगर
धाइया आइला सबे ठाकुरेर घर
 
 
अनुवाद
कोलाहल की आवाज सुनकर नादिया के सभी निवासी भगवान के निवास पर दौड़े चले आये।
 
Hearing the commotion, all the residents of Nadia came running to the Lord's abode.
तात्पर्य
नादिया-नगर वाक्यांश नादिया के सभी निवासियों को संदर्भित करता है।
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)