श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 1: भगवान के प्रतिष्ठान का प्रारंभ और कृष्ण-संकीर्तन पर निर्देश  »  श्लोक 392
 
 
श्लोक  2.1.392 
নিরবধি শ্রবণে শুনহ কৃষ্ণ-নাম
কৃষ্ণ হৌ তোমা সবাকার ধন প্রাণ
निरवधि श्रवणे शुनह कृष्ण-नाम
कृष्ण हौ तोमा सबाकार धन प्राण
 
 
अनुवाद
"निरंतर कृष्ण के नाम सुनते रहो। भगवान कृष्ण तुम्हारे जीवन और धन बनें।"
 
"Continuously listen to the name of Krishna. May Lord Krishna be your life and wealth."
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)