श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 1: भगवान के प्रतिष्ठान का प्रारंभ और कृष्ण-संकीर्तन पर निर्देश  »  श्लोक 391
 
 
श्लोक  2.1.391 
তোমরাসকলে লহ কৃষ্ণের শরণ
কৃষ্ণ-নামে পূর্ণ হৌ সবার বদন
तोमरासकले लह कृष्णेर शरण
कृष्ण-नामे पूर्ण हौ सबार वदन
 
 
अनुवाद
“आप सभी कृष्ण के चरण कमलों की शरण में आएं और आपके मुख कृष्ण के नामों से भरे रहें।
 
“May you all take shelter at the lotus feet of Krishna and may your mouths be filled with the names of Krishna.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)