vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री चैतन्य भागवत
»
खण्ड 2: मध्य-खण्ड
»
अध्याय 1: भगवान के प्रतिष्ठान का प्रारंभ और कृष्ण-संकीर्तन पर निर्देश
»
श्लोक 380
श्लोक
2.1.380
এই বোল মহাপ্রভু সবারে কহিযা
দিলেন পুঙ্থিতে ডোর অশ্রু-যুক্ত হৈযা
एइ बोल महाप्रभु सबारे कहिया
दिलेन पुङ्थिते डोर अश्रु-युक्त हैया
अनुवाद
ऐसा कहकर महाप्रभु ने नेत्रों में आँसू भरकर अपनी पुस्तकें बाँध लीं।
Saying this, Mahaprabhu packed his books with tears in his eyes.
तात्पर्य
'डिलेना डोरा' मुहावरा इस बात को बताता है कि प्रभु ने अपनी पुस्तकों को डोरी या रस्सी से बाँध दिया था।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×