श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 1: भगवान के प्रतिष्ठान का प्रारंभ और कृष्ण-संकीर्तन पर निर्देश  »  श्लोक 380
 
 
श्लोक  2.1.380 
এই বোল মহাপ্রভু সবারে কহিযা
দিলেন পুঙ্থিতে ডোর অশ্রু-যুক্ত হৈযা
एइ बोल महाप्रभु सबारे कहिया
दिलेन पुङ्थिते डोर अश्रु-युक्त हैया
 
 
अनुवाद
ऐसा कहकर महाप्रभु ने नेत्रों में आँसू भरकर अपनी पुस्तकें बाँध लीं।
 
Saying this, Mahaprabhu packed his books with tears in his eyes.
तात्पर्य
'डिलेना डोरा' मुहावरा इस बात को बताता है कि प्रभु ने अपनी पुस्तकों को डोरी या रस्सी से बाँध दिया था।
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)