श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 1: भगवान के प्रतिष्ठान का प्रारंभ और कृष्ण-संकीर्तन पर निर्देश  »  श्लोक 379
 
 
श्लोक  2.1.379 
কৃষ্ণ-বিনু আর বাক্য না স্ফুরে আমার
সত্য আমি কহিলাঙ চিত্ত আপনার”
कृष्ण-विनु आर वाक्य ना स्फुरे आमार
सत्य आमि कहिलाङ चित्त आपनार”
 
 
अनुवाद
"कृष्ण के अलावा कोई भी शब्द मेरे समक्ष प्रकट नहीं होता। यही मेरे मन की वास्तविक स्थिति है।"
 
"No word other than Krishna appears before me. This is the real state of my mind."
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)