श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 1: भगवान के प्रतिष्ठान का प्रारंभ और कृष्ण-संकीर्तन पर निर्देश  »  श्लोक 373
 
 
श्लोक  2.1.373 
পডুযার বাক্যে তুষ্ট হৈলাঠাকুর
কহিতে লাগিলা কৃপা করিযা প্রচুর
पडुयार वाक्ये तुष्ट हैलाठाकुर
कहिते लागिला कृपा करिया प्रचुर
 
 
अनुवाद
शिष्यों की बातें सुनकर भगवान प्रसन्न हुए और करुणावश उन्होंने इस प्रकार कहना आरम्भ किया।
 
The Lord was pleased to hear the words of his disciples and out of compassion he started speaking thus.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)