श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 1: भगवान के प्रतिष्ठान का प्रारंभ और कृष्ण-संकीर्तन पर निर्देश  »  श्लोक 367
 
 
श्लोक  2.1.367 
দশ দিন ধরি’ আজি পাঠ-বাদ হয
কহিতে তোমারে সবে বাসি বড ভয
दश दिन धरि’ आजि पाठ-वाद हय
कहिते तोमारे सबे वासि बड भय
 
 
अनुवाद
“पिछले दस दिनों से हमारी पढ़ाई रुकी हुई है और हम आपको यह बताने से डर रहे थे।
 
“Our studies have been halted for the last ten days and we were scared to tell you this.
तात्पर्य
पठण-वाद वाक्यांश का अर्थ है "शिक्षण और अध्यापन का अंत, स्थगन या अस्वीकृति"।
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)