श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 1: भगवान के प्रतिष्ठान का प्रारंभ और कृष्ण-संकीर्तन पर निर्देश  »  श्लोक 366
 
 
श्लोक  2.1.366 
দিন দশ ধরি’ কর’ যতেক ব্যাখ্যান
সর্ব-শাস্ত্রে-শব্দে—কৃষ্ণ-ভক্তি কৃষ্ণ-নাম
दिन दश धरि’ कर’ यतेक व्याख्यान
सर्व-शास्त्रे-शब्दे—कृष्ण-भक्ति कृष्ण-नाम
 
 
अनुवाद
“पिछले दस दिनों से आप समझा रहे हैं कि कृष्ण की भक्ति और कृष्ण का पवित्र नाम प्रत्येक शास्त्र के प्रत्येक शब्द का अर्थ है।
 
“For the last ten days you have been explaining that devotion to Krishna and the holy name of Krishna is the meaning of every word in every scripture.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)