श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 1: भगवान के प्रतिष्ठान का प्रारंभ और कृष्ण-संकीर्तन पर निर्देश  »  श्लोक 365
 
 
श्लोक  2.1.365 
এ-সব বৃত্তান্ত তুমি কিছুই না জান’
আর কথা কহি,—তাহা চিত্ত দিযাশুন
ए-सब वृत्तान्त तुमि किछुइ ना जान’
आर कथा कहि,—ताहा चित्त दियाशुन
 
 
अनुवाद
"तुम्हें ये सब घटनाएँ नहीं पता। अब कृपया ध्यान से सुनो कि हम क्या कहना चाहते हैं।"
 
"You don't know all these events. Now please listen carefully to what we have to say."
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)