श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 1: भगवान के प्रतिष्ठान का प्रारंभ और कृष्ण-संकीर्तन पर निर्देश  »  श्लोक 362
 
 
श्लोक  2.1.362 
অপূর্ব ভাবযে সব,—দেখে যত জন
সবেই বলেন,—’এ পুরুষ নারাযণ’
अपूर्व भावये सब,—देखे यत जन
सबेइ बलेन,—’ए पुरुष नारायण’
 
 
अनुवाद
“जिसने भी आपको देखा, वह आश्चर्यचकित हो गया और बोला, ‘यह व्यक्ति स्वयं नारायण हैं।’
 
“Everyone who saw you was astonished and said, 'This person is Narayana himself.'
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)