श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 1: भगवान के प्रतिष्ठान का प्रारंभ और कृष्ण-संकीर्तन पर निर्देश  »  श्लोक 355
 
 
श्लोक  2.1.355 
প্রভু বলে,—“কোন্-রূপ দেখহ আমারে?”
পডুযা সকলে বলে,—“যত চমত্কারে
प्रभु बले,—“कोन्-रूप देखह आमारे?”
पडुया सकले बले,—“यत चमत्कारे
 
 
अनुवाद
भगवान ने पूछा, "तुम मुझे किस रूप में देखते हो?" शिष्यों ने उत्तर दिया, "सभी श्रेष्ठताओं की पूर्णता के रूप में।"
 
The Lord asked, "How do you see me?" The disciples replied, "As the perfection of all excellences."
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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