श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 1: भगवान के प्रतिष्ठान का प्रारंभ और कृष्ण-संकीर्तन पर निर्देश  »  श्लोक 35
 
 
श्लोक  2.1.35 
মনে মনে সবেই চিন্তেন চমত্কার
“এ-মত ইহানে কভু নাহি দেখি আর
मने मने सबेइ चिन्तेन चमत्कार
“ए-मत इहाने कभु नाहि देखि आर
 
 
अनुवाद
वहां उपस्थित सभी लोग आश्चर्यचकित हो गए और सोचने लगे, "हमने उन्हें पहले कभी इस रूप में नहीं देखा था।"
 
Everyone present there was surprised and started thinking, "We have never seen him like this before."
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)