श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 1: भगवान के प्रतिष्ठान का प्रारंभ और कृष्ण-संकीर्तन पर निर्देश  »  श्लोक 349
 
 
श्लोक  2.1.349 
যে-শব্দে যে-অর্থ তুমি করিলা বাখান
কার্ বাপে তাহা করিবারে পারে আন?
ये-शब्दे ये-अर्थ तुमि करिला वाखान
कार् बापे ताहा करिबारे पारे आन?
 
 
अनुवाद
“कोई भी इतना अभिमानी नहीं है कि आपके द्वारा समझाए गए प्रत्येक शब्द के अर्थ को नकार दे।
 
“No one is so arrogant as to deny the meaning of every word you explain.
तात्पर्य
आना शब्द का अर्थ है "अन्यथा", "विरोधाभासी", "विरोधी"।
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)