श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 1: भगवान के प्रतिष्ठान का प्रारंभ और कृष्ण-संकीर्तन पर निर्देश  »  श्लोक 348
 
 
श्लोक  2.1.348 
প্রভু বলে,—“ধাতু-সূত্র বাখানিলুঙ্ কেন?”
পডুযা সকল বলে,—“সত্য অর্থ যেন
प्रभु बले,—“धातु-सूत्र वाखानिलुङ् केन?”
पडुया सकल बले,—“सत्य अर्थ येन
 
 
अनुवाद
भगवान ने पूछा, “धातुओं पर सूत्रों की मेरी व्याख्या कैसी थी?” शिष्यों ने उत्तर दिया, “आपकी व्याख्या सही थी।
 
The Lord asked, “How was my explanation of the sutras on metals?” The disciples replied, “Your explanation was correct.
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by AmritChaitanyaDas