श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 1: भगवान के प्रतिष्ठान का प्रारंभ और कृष्ण-संकीर्तन पर निर्देश  »  श्लोक 327
 
 
श्लोक  2.1.327 
যত দেখ রাজাদিব্য-দিব্য-কলেবর
কনক-ভূষিত, গন্ধ-চন্দনে সুন্দর
यत देख राजादिव्य-दिव्य-कलेवर
कनक-भूषित, गन्ध-चन्दने सुन्दर
 
 
अनुवाद
“हमने जितने भी राजाओं को देखा है, उनके शरीर आलीशान थे, सोने से सुसज्जित थे और सुगंधित चंदन के लेप से सुशोभित थे।
 
“All the kings we have seen had luxurious bodies, adorned with gold and adorned with fragrant sandalwood paste.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)