श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 1: भगवान के प्रतिष्ठान का प्रारंभ और कृष्ण-संकीर्तन पर निर्देश  »  श्लोक 321
 
 
श्लोक  2.1.321 
ভোজন করিযা সর্ব-ভুবনের নাথ
যোগ-নিদ্রা-প্রতি করিলেন দৃষ্টি-পাত
भोजन करिया सर्व-भुवनेर नाथ
योग-निद्रा-प्रति करिलेन दृष्टि-पात
 
 
अनुवाद
वहाँ सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड के स्वामी ने भोजन किया और फिर योगनिद्रा की ओर दृष्टि डाली।
 
There the Lord of the entire universe ate his food and then turned his gaze towards Yoganidra.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)