श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 1: भगवान के प्रतिष्ठान का प्रारंभ और कृष्ण-संकीर्तन पर निर्देश  »  श्लोक 320
 
 
श्लोक  2.1.320 
কত-ক্ষণে সবারে বিদায দিযা ঘরে
বিশ্বম্ভর চলিলেন আপন-মন্দিরে
कत-क्षणे सबारे विदाय दिया घरे
विश्वम्भर चलिलेन आपन-मन्दिरे
 
 
अनुवाद
कुछ समय बाद विश्वम्भर ने सबको घर भेज दिया और स्वयं अपने घर लौट आये।
 
After some time, Vishvambhar sent everyone home and returned to his home.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)