vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री चैतन्य भागवत
»
खण्ड 2: मध्य-खण्ड
»
अध्याय 1: भगवान के प्रतिष्ठान का प्रारंभ और कृष्ण-संकीर्तन पर निर्देश
»
श्लोक 317
श्लोक
2.1.317
গঙ্গা নমস্করি’ গঙ্গা-জল নিলাশিরে
গোষ্ঠীর সহিত বসিলেন গঙ্গা-তীরে
गङ्गा नमस्करि’ गङ्गा-जल निलाशिरे
गोष्ठीर सहित वसिलेन गङ्गा-तीरे
अनुवाद
उन्होंने गंगा को प्रणाम किया और अपने सिर पर जल छिड़का। फिर वे अपने साथियों के साथ गंगा के तट पर बैठ गए।
He bowed to the Ganges and sprinkled water on his head. Then he sat down on the banks of the Ganges with his companions.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×