श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 1: भगवान के प्रतिष्ठान का प्रारंभ और कृष्ण-संकीर्तन पर निर्देश  »  श्लोक 314
 
 
श्लोक  2.1.314 
প্রভু বলে,—“কি চাঞ্চল্য করিলাঙ আমি?”
পডুযা-সকল বলে,—“কৃত-কৃত্য তুমি
प्रभु बले,—“कि चाञ्चल्य करिलाङ आमि?”
पडुया-सकल बले,—“कृत-कृत्य तुमि
 
 
अनुवाद
प्रभु ने पूछा, “क्या मैं बेचैन हो गया हूँ?” विद्यार्थियों ने उत्तर दिया, “आपके कार्य शानदार हैं।
 
The Lord asked, “Am I getting restless?” The students replied, “Your work is wonderful.
तात्पर्य
कृता-कृत्य शब्द का अर्थ है "सफल", "गौरवशाली", "संतुष्ट", "इच्छाओं से संतुष्ट", "सफल प्रयास" या "विद्वान"।
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)