श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 1: भगवान के प्रतिष्ठान का प्रारंभ और कृष्ण-संकीर्तन पर निर्देश  »  श्लोक 312
 
 
श्लोक  2.1.312 
“না পডিহ আর” বলিলেন গদাধর
সবে বসিলেন বেডি’ প্রভু-বিশ্বম্ভর
“ना पडिह आर” बलिलेन गदाधर
सबे वसिलेन वेडि’ प्रभु-विश्वम्भर
 
 
अनुवाद
तब गदाधर ने कहा, “अब और पाठ मत करो,” और सभी लोग भगवान विश्वम्भर के चारों ओर बैठ गए।
 
Then Gadadhara said, “Don’t recite anymore,” and everyone sat around Lord Visvambhara.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)