श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 1: भगवान के प्रतिष्ठान का प्रारंभ और कृष्ण-संकीर्तन पर निर्देश  »  श्लोक 311
 
 
श्लोक  2.1.311 
দেখিযা সবার হৈল অপরূপ-জ্ঞান
নগরিযা সব দেখি’ করে পরণাম
देखिया सबार हैल अपरूप-ज्ञान
नगरिया सब देखि’ करे परणाम
 
 
अनुवाद
यह देखकर स्थानीय निवासी आश्चर्यचकित हो गए और उन्होंने श्रद्धापूर्वक प्रणाम किया।
 
Seeing this, the local residents were surprised and bowed respectfully.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)