श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 1: भगवान के प्रतिष्ठान का प्रारंभ और कृष्ण-संकीर्तन पर निर्देश  »  श्लोक 303
 
 
श्लोक  2.1.303 
বাহ্য পাই’ ’বল বল’ বলে বিশ্বম্ভর
গডাগডি যায প্রভু ধরণী-উপর
बाह्य पाइ’ ’बल बल’ बले विश्वम्भर
गडागडि याय प्रभु धरणी-उपर
 
 
अनुवाद
होश में आने पर विश्वम्भर बार-बार चिल्लाते हुए बोले, “जप करते रहो,” और वे जमीन पर लोटने लगे।
 
Upon regaining consciousness, Vishvambhara repeatedly shouted, “Keep chanting,” and he began rolling on the ground.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)