श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 1: भगवान के प्रतिष्ठान का प्रारंभ और कृष्ण-संकीर्तन पर निर्देश  »  श्लोक 29
 
 
श्लोक  2.1.29 
পাদ-পদ্ম-তীর্থের লৈতে প্রভু নাম
অঝরে ঝরযে দুই কমল-নযন
पाद-पद्म-तीर्थेर लैते प्रभु नाम
अझरे झरये दुइ कमल-नयन
 
 
अनुवाद
जैसे ही भगवान ने पादपद्मतीर्थ का नाम दोहराया, उनकी आँखों से लगातार आँसू बहने लगे।
 
As the Lord repeated the name of Padapadmatirtha, tears began to flow continuously from his eyes.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)