श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 1: भगवान के प्रतिष्ठान का प्रारंभ और कृष्ण-संकीर्तन पर निर्देश  »  श्लोक 287
 
 
श्लोक  2.1.287 
যোগপট্ট-ছান্দে বস্ত্র করিযা বন্ধন
সূত্রের করযে প্রভু খণ্ডন স্থাপন
योगपट्ट-छान्दे वस्त्र करिया बन्धन
सूत्रेर करये प्रभु खण्डन स्थापन
 
 
अनुवाद
भगवान ने संन्यासी की भाँति वस्त्र धारण करके बार-बार सूत्रों की स्थापना और खंडन किया।
 
The Lord, dressed like a monk, repeatedly established and refuted the sutras.
तात्पर्य
योगपट्ट-छांडे शब्द की व्याख्या के लिए आदी-खंड, दशम अध्याय, श्लोक 12 का संदर्भ लेना चाहिए।
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)