श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 1: भगवान के प्रतिष्ठान का प्रारंभ और कृष्ण-संकीर्तन पर निर्देश  »  श्लोक 285
 
 
श्लोक  2.1.285 
চলিলা পডুযা-সঙ্গে প্রভু বিশ্বম্ভর
তারকা বেষ্টিত যেন পূর্ণ-শশধর
चलिला पडुया-सङ्गे प्रभु विश्वम्भर
तारका वेष्टित येन पूर्ण-शशधर
 
 
अनुवाद
जब भगवान विश्वम्भर अपने शिष्यों के साथ चल रहे थे, तो वे तारों से घिरे पूर्ण चन्द्रमा के समान प्रतीत हो रहे थे।
 
When Lord Visvambhara was walking with his disciples, he appeared like the full moon surrounded by stars.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)