श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 1: भगवान के प्रतिष्ठान का प्रारंभ और कृष्ण-संकीर्तन पर निर्देश  »  श्लोक 278
 
 
श्लोक  2.1.278 
ভাল-মতে গিযাশাস্ত্র বসিযা পডাও
ব্যতিরিক্ত অর্থ কর’,—মোর মাথা খাও”
भाल-मते गियाशास्त्र वसिया पडाओ
व्यतिरिक्त अर्थ कर’,—मोर माथा खाओ”
 
 
अनुवाद
“अब जाओ, लेकिन मुझसे वादा करो कि तुम शास्त्रों को बिना किसी भिन्न अर्थ के उचित रूप से पढ़ाओगे।”
 
“Now go, but promise me that you will teach the scriptures properly without any different interpretations.”
तात्पर्य
व्यतिरिक्त का अर्थ है "विपरीत", "विरोधी", "स्वतंत्र", "अलग" या "अलग"।

माथा खाओ शब्द उस व्यक्ति पर व्रत के थोपने या किसी के बर्बादी के मानदंड को संदर्भित करता है।

 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)