"यद्यपि वैदिक अध्ययन से रहित एक मूर्ख व्यक्ति को तथाकथित ब्राह्मण कहा जा सकता है, वह अच्छे और बुरे के बीच भेद करने के योग्य नहीं है। इसलिए, यदि आपके निर्देशों से आपके छात्र शास्त्रों के अपने अध्ययन में लापरवाह हो जाते हैं और केवल 'कृष्ण कृष्ण' का जाप करते हैं, तो वे यह नहीं समझ पाएंगे कि क्या सही है और क्या गलत।"
