शास्त्र-युक्त्ये सुनिपुण, दृढ़-श्रद्धा यांरा
उत्तम-अधिकारीे सेई तारये संसार
"जो तर्क-वितर्क, तर्क और प्रकट शास्त्रों में निपुण है और जिसकी कृष्ण में दृढ़ आस्था है, उसे सर्वोच्च भक्त के रूप में वर्गीकृत किया गया है। वह पूरे विश्व को मुक्त कर सकता है।" भक्ति-रसामृत-सिंधु (1.2.17) में कहा गया है:
शास्त्रे युक्तौ च निपुणः
सर्वथा दृढ़-निश्चयः
प्रौढ़-श्रद्धोधिकारी यः
स भक्तव उत्तमो मतः
"जो तर्क और प्रकट शास्त्रों की समझ में निपुण है, और जिसमें हमेशा दृढ़ विश्वास और गहरी आस्था है जो अंधी नहीं है, उसे भक्ति सेवा में सर्वोच्च भक्त माना जाना चाहिए।"
