श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 1: भगवान के प्रतिष्ठान का प्रारंभ और कृष्ण-संकीर्तन पर निर्देश  »  श्लोक 269
 
 
श्लोक  2.1.269 
ভাল মত করি’ যেন পডাযেন পুঙ্থি
আসিহ বিকালে সব তাঙ্হার সṁহতি”
भाल मत करि’ येन पडायेन पुङ्थि
आसिह विकाले सब ताङ्हार सꣳहति”
 
 
अनुवाद
"तब वह तुम्हें ठीक से सिखाएगा। तुम भी दोपहर में उसके साथ आ सकते हो।"
 
"Then he'll teach you properly. You can also come with him in the afternoon."
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)