श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 1: भगवान के प्रतिष्ठान का प्रारंभ और कृष्ण-संकीर्तन पर निर्देश  »  श्लोक 263
 
 
श्लोक  2.1.263 
গযা হৈতে যাবত্ আসিযাছেন ঘরে
তদবধি কৃষ্ণ বৈ ব্যাখ্যা নাহি স্ফুরে
गया हैते यावत् आसियाछेन घरे
तदवधि कृष्ण बै व्याख्या नाहि स्फुरे
 
 
अनुवाद
“चूँकि वे गया से लौट आये हैं, इसलिए वे अपनी व्याख्याओं में कृष्ण के अलावा किसी अन्य का उल्लेख नहीं करते।
 
“Since he has returned from Gaya, he does not mention anyone other than Krishna in his commentaries.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)