श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 1: भगवान के प्रतिष्ठान का प्रारंभ और कृष्ण-संकीर्तन पर निर्देश  »  श्लोक 26
 
 
श्लोक  2.1.26 
পূর্বে কৃষ্ণ যবে কৈলা গযা-অগমন
সেই-স্থানে রহি’ প্রভু ধুইলা চরণ
पूर्वे कृष्ण यबे कैला गया-अगमन
सेइ-स्थाने रहि’ प्रभु धुइला चरण
 
 
अनुवाद
“जब कृष्ण पहले गया आये थे, तो उन्होंने उस स्थान पर अपने पैर धोये थे।
 
“When Krishna first visited Gaya, he washed his feet at that place.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)