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श्री चैतन्य भागवत
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खण्ड 2: मध्य-खण्ड
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अध्याय 1: भगवान के प्रतिष्ठान का प्रारंभ और कृष्ण-संकीर्तन पर निर्देश
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श्लोक 254
श्लोक
2.1.254
শিষ্য বলে,—“পণ্ডিত, উচিত ব্যাখ্যা কর’”
প্রভু বলে,—“সর্ব-ক্ষণ শ্রী-কৃষ্ণ স্মঙর
शिष्य बले,—“पण्डित, उचित व्याख्या कर’”
प्रभु बले,—“सर्व-क्षण श्री-कृष्ण स्मङर
अनुवाद
विद्यार्थियों ने पूछा, “हे पंडित, कृपया ठीक से समझाएँ।” भगवान ने उत्तर दिया, “हर क्षण कृष्ण का स्मरण करो।
The students asked, “O Pandit, please explain properly.” The Lord replied, “Remember Krishna every moment.
तात्पर्य
शब्द 'उचित' का अर्थ है "उपयुक्त", "तार्किक" या "संगत"।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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