शिष्य बले,—“वर्ण सिद्ध हैल केमने?”
प्रभु बले,—“कृष्ण-दृष्टि-पातेर कारणे”
अनुवाद
विद्यार्थियों ने पूछा, “वर्णमाला के अक्षर कैसे सिद्ध हुए?” भगवान ने उत्तर दिया, “कृष्ण की कृपादृष्टि से।”
The students asked, “How were the letters of the alphabet perfected?” The Lord replied, “By the grace of Krishna.”
तात्पर्य
विद्यार्थियों के प्रश्न का उत्तर देते हुए कि वर्णमाला के अक्षरों की पूर्णता कैसे होती है, भगवान ने कहा कि यह सर्वोच्च व्यक्तित्व भगवान कृष्ण की झलक के कारण था; दूसरे शब्दों में, प्रत्येक अक्षर पूर्ण है क्योंकि प्रत्येक पूर्ण, पूर्ण रूप से पवित्र और शाश्वत रूप से मुक्त पवित्र नामों को इंगित करता है, जो कृष्ण से अलग नहीं हैं।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥