श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 1: भगवान के प्रतिष्ठान का प्रारंभ और कृष्ण-संकीर्तन पर निर्देश  »  श्लोक 25
 
 
श्लोक  2.1.25 
সহস্র সহস্র বিপ্র পডে বেদ-ধ্বনি
’দেখ দেখ বিষ্ণু পাদোদক তীর্থ-খানি’
सहस्र सहस्र विप्र पडे वेद-ध्वनि
’देख देख विष्णु पादोदक तीर्थ-खानि’
 
 
अनुवाद
हज़ारों-हज़ार ब्राह्मण वेदों से प्रार्थनाएँ कर रहे थे। उन्होंने कहा, 'आओ और उस पवित्र स्थान को देखो जहाँ भगवान विष्णु ने अपने चरण कमल धोए थे।'
 
Thousands of brahmins were reciting prayers from the Vedas. They said, 'Come and see the sacred place where Lord Vishnu washed his lotus feet.'
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)