श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 1: भगवान के प्रतिष्ठान का प्रारंभ और कृष्ण-संकीर्तन पर निर्देश  »  श्लोक 245
 
 
श्लोक  2.1.245 
এই-মত মনে সবে করেন বিচার
সুখ-ময চিত্ত-বৃত্তি হৈল সবার
एइ-मत मने सबे करेन विचार
सुख-मय चित्त-वृत्ति हैल सबार
 
 
अनुवाद
जब सभी भक्तों ने इस प्रकार चिंतन किया तो उनके हृदय प्रसन्नता से भर गए।
 
When all the devotees meditated in this way, their hearts were filled with joy.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)