श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 1: भगवान के प्रतिष्ठान का प्रारंभ और कृष्ण-संकीर्तन पर निर्देश  »  श्लोक 241
 
 
श्लोक  2.1.241 
কপিলের ভাবে প্রভু মাযেরে শিখায
শুনি’ সেই বাক্য শচীআনন্দে মিলায
कपिलेर भावे प्रभु मायेरे शिखाय
शुनि’ सेइ वाक्य शचीआनन्दे मिलाय
 
 
अनुवाद
इस प्रकार भगवान ने कपिल भाव से अपनी माता को उपदेश दिया। उनके वचन सुनकर शची आनंद में डूब गईं।
 
Thus the Lord spoke to His mother in a calm and composed manner. Hearing His words, Sachi was filled with joy.
तात्पर्य
मिलया शब्द का अर्थ है "वह जुड़ गई," "वह लीन हो गई," "उसने देखा," या "वह पिघल गई।"
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)