श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 1: भगवान के प्रतिष्ठान का प्रारंभ और कृष्ण-संकीर्तन पर निर्देश  »  श्लोक 24
 
 
श्लोक  2.1.24 
গযার ভিতর মাত্র হৈলাঙ প্রবেশ
প্রথমেই শুনিলাঙ মঙ্গল বিশেষ
गयार भितर मात्र हैलाङ प्रवेश
प्रथमेइ शुनिलाङ मङ्गल विशेष
 
 
अनुवाद
“जैसे ही मैंने गया में प्रवेश किया, मुझे अत्यंत शुभ ध्वनियाँ सुनाई दीं।
 
“As soon as I entered Gaya, I heard very auspicious sounds.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)