श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 1: भगवान के प्रतिष्ठान का प्रारंभ और कृष्ण-संकीर्तन पर निर्देश  »  श्लोक 238
 
 
श्लोक  2.1.238 
“অনাযাসে মরণ, জীবন দুঃখ বিনে
কৃষ্ণ ভজিলে সে হয কৃষ্ণের স্মরণে
“अनायासे मरण, जीवन दुःख विने
कृष्ण भजिले से हय कृष्णेर स्मरणे
 
 
अनुवाद
“गरीबी रहित जीवन जीने और शांतिपूर्वक मरने के लिए, व्यक्ति को कृष्ण की पूजा और स्मरण करना चाहिए।
 
“To live a poverty-free life and die peacefully, one must worship and remember Krishna.
तात्पर्य
देखें आदि-खंड, अध्याय 7, श्लोक 137।
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)