তোর পাদ-পদ্মের স্মরণ নাহি
যথাহেন কৃপা কর, প্রভু! না ফেলিবা তথা
तोर पाद-पद्मेर स्मरण नाहि
यथाहेन कृपा कर, प्रभु! ना फेलिबा तथा
अनुवाद
हे प्रभु, मुझ पर यह कृपा करें कि आप मुझे ऐसे किसी स्थान पर न भेजें जहाँ आपके चरण कमलों का स्मरण न हो।
O Lord, please bless me that you do not send me to any place where your lotus feet are not remembered.
तात्पर्य
“क्योंकि आपकी दया उन स्थानों पर प्रकट नहीं होती है जहाँ कोई या तो अस्थायी भौतिक इंद्रिय संतुष्टि की इच्छा या अस्थायी भौतिक इंद्रिय संतुष्टि की इच्छा की जाँच करता है- दूसरे शब्दों में, भौतिक आनंद या त्याग- या जहाँ कोई आपके चरण-कमलों के स्मरण के बजाय आसक्ति और घृणा पाता है, वहाँ प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से भगवानहीन जीवित संस्थाओं के प्रति आपकी भ्रामक क्रूरता मौजूद है। कृपया ऐसी भ्रामक क्रूरता और छल को त्याग दें और मुझे कभी भी भौतिक वस्तुओं से मत बांधें जो आपसे संबंधित नहीं हैं- यह मेरी हार्दिक प्रार्थना है। यदि आपकी अकारण दया मुझ पर बरसेगी, तो आप हमेशा मेरी स्मृति के मार्ग को रोशन करेंगे और उसमें बने रहेंगे, और इसे मैं आपकी गैर-दोहरी दया मानूंगा। क्या मैं अपने स्वयं के इंद्रिय संतुष्टि से उत्पन्न सुख और संकट के भयंकर हमलों के परिणामस्वरूप आपके चरण-कमलों को भूलने से नहीं जीत जाऊंगा।”
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥