vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री चैतन्य भागवत
»
खण्ड 2: मध्य-खण्ड
»
अध्याय 1: भगवान के प्रतिष्ठान का प्रारंभ और कृष्ण-संकीर्तन पर निर्देश
»
श्लोक 205
श्लोक
2.1.205
কটু, অম্ল, লবণ—জননী যত খায
অঙ্গে গিযা লাগে তার, মহা-মোহ পায
कटु, अम्ल, लवण—जननी यत खाय
अङ्गे गिया लागे तार, महा-मोह पाय
अनुवाद
“माँ द्वारा खाए जाने वाले सभी कड़वे, खट्टे और नमकीन व्यंजन गर्भ में पल रहे बच्चे के शरीर के लिए बहुत असुविधा पैदा करते हैं।
“All the bitter, sour and salty foods consumed by the mother cause a lot of discomfort to the baby's body in the womb.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×