श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 1: भगवान के प्रतिष्ठान का प्रारंभ और कृष्ण-संकीर्तन पर निर्देश  »  श्लोक 181
 
 
श्लोक  2.1.181 
অন্যো ’ন্যে সর্ব-জনে কহযে বচন
“ধন্য মাতা পিতা,—যাঙ্র এ-হেন নন্দন”
अन्यो ’न्ये सर्व-जने कहये वचन
“धन्य माता पिता,—याङ्र ए-हेन नन्दन”
 
 
अनुवाद
वे सब एक दूसरे से कहने लगे, “ऐसे पुत्र के पिता और माता गौरवशाली हैं।”
 
They all said to one another, “Glorious are the father and mother of such a son.”
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)