श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 1: भगवान के प्रतिष्ठान का प्रारंभ और कृष्ण-संकीर्तन पर निर्देश  »  श्लोक 180
 
 
श्लोक  2.1.180 
গঙ্গা-ঘাটে স্নান করে যত সব জন
সবাই চাহেন গৌরচন্দ্রের বদন
गङ्गा-घाटे स्नान करे यत सब जन
सबाइ चाहेन गौरचन्द्रेर वदन
 
 
अनुवाद
गंगा के घाटों पर स्नान करने वाले सभी लोग गौरचन्द्र के मुख की ओर देखते रहे।
 
All the people bathing on the banks of the Ganga kept looking at the face of Gaurchandra.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)