श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 1: भगवान के प्रतिष्ठान का प्रारंभ और कृष्ण-संकीर्तन पर निर्देश  »  श्लोक 177
 
 
श्लोक  2.1.177 
গঙ্গা-জলে কেলি করে প্রভু বিশ্বম্ভর
সমুদ্রের মাঝে যেন পূর্ণ-শশধর
गङ्गा-जले केलि करे प्रभु विश्वम्भर
समुद्रेर माझे येन पूर्ण-शशधर
 
 
अनुवाद
जब भगवान विश्वम्भर गंगा में क्रीड़ा कर रहे थे, तो ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो समुद्र के मध्य से पूर्णिमा का चन्द्रमा उदय हो रहा हो।
 
When Lord Vishvambhar was playing in the Ganga, it appeared as if the full moon was rising from the middle of the ocean.
तात्पर्य
इस श्लोक और इसके बाद के श्लोक 182-184 में ईश्वर से संबंधित उपमाएँ और वर्णन लेखक की काव्य प्रतिभा को प्रकट करते हैं।
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)