श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 1: भगवान के प्रतिष्ठान का प्रारंभ और कृष्ण-संकीर्तन पर निर्देश  »  श्लोक 176
 
 
श्लोक  2.1.176 
বান্ধিলা পুস্তক সবে প্রভুর বচনে
গঙ্গা-স্নানে চলিলেন বিশ্বম্ভর-সনে
बान्धिला पुस्तक सबे प्रभुर वचने
गङ्गा-स्नाने चलिलेन विश्वम्भर-सने
 
 
अनुवाद
भगवान से निर्देश पाकर, छात्रों ने अपनी पुस्तकें समेटीं और उनके साथ गंगा स्नान करने चले गए।
 
After receiving instructions from the Lord, the students collected their books and went with him to take a bath in the Ganga.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)