श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 1: भगवान के प्रतिष्ठान का प्रारंभ और कृष्ण-संकीर्तन पर निर्देश  »  श्लोक 173
 
 
श्लोक  2.1.173 
“আজি আমি কেমত সে সূত্র বাখানিলুঙ্?”
পডুযা-সকল বলে—“কিছু না বুঝিলুঙ্
“आजि आमि केमत से सूत्र वाखानिलुङ्?”
पडुया-सकल बले—“किछु ना बुझिलुङ्
 
 
अनुवाद
“आज मैंने सूत्रों की जो व्याख्या की वह कैसी थी?” विद्यार्थियों ने उत्तर दिया, “हम कुछ भी नहीं समझ पाए।
 
“How was my explanation of the sutras today?” The students replied, “We didn't understand anything.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)