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श्लोक 2.1.171  |
সহজেই শব্দ-মাত্রে ’কৃষ্ণ সত্য’ কহে
ঈশ্বর যে বাখানিবে,—কিছু চিত্র নহে |
सहजेइ शब्द-मात्रे ’कृष्ण सत्य’ कहे
ईश्वर ये वाखानिबे,—किछु चित्र नहे |
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| अनुवाद |
| प्रत्येक शब्द स्वाभाविक रूप से कृष्ण को परम सत्य के रूप में स्थापित करता है, अतः इसमें कोई आश्चर्य नहीं कि भगवान् इस प्रकार व्याख्या करें। |
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| Each word naturally establishes Krishna as the Absolute Truth, so it is no wonder that the Lord should explain it this way. |
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