श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 1: भगवान के प्रतिष्ठान का प्रारंभ और कृष्ण-संकीर्तन पर निर्देश  »  श्लोक 170
 
 
श्लोक  2.1.170 
মোহিত পডুযা সব শুনে এক-মনে
প্রভু ও বিহ্বল হৈ’ সত্য সে বাখানে
मोहित पडुया सब शुने एक-मने
प्रभु ओ विह्वल है’ सत्य से वाखाने
 
 
अनुवाद
भगवान की व्याख्याओं को पूरे ध्यान से सुनकर विद्यार्थी मंत्रमुग्ध हो गए, और भगवान भी सत्य की व्याख्या करते समय अभिभूत हो गए।
 
The students were mesmerized by listening to Bhagavan's explanations with full attention, and Bhagavan too was overwhelmed while explaining the truth.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)